मंगलवार, 27 अप्रैल 2010

कट मोशन पर हंगामा और एक न्यूज़ चैनल का कवरेज

एंकर- तो आप देख रहे हैं कि संसद में किस तरह हंगामा हो रहा है( हम देख ही रहे हैं तो आपने क्या बताया) ख़ासकर लालू प्रसाद यादव के बयान से बीजेपी के सांसद भड़क गये हैं (कौन-सा बयान).... इसके साथ ही हमारे संवाददाता मनोज हमारे साथ जुड़ चुके हैं ...मनोज अब क्या होगा

रिपोर्टर- जी..... आ आ उ उ अब विपक्ष जो है इसपर वोटिंग चाहता है और कहीं ना कहीं थोड़ी देर में वोटिंग शुरू हो जाएगी ( कहीं नहीं.......... वोटिंग होगी तो संसद के अंदर होगी)

एंकर- जी जानना चाहेंगे कि क्या है ये कट मोशन

रिपोर्टर- आ आ आ आाााााााााा जी देखिए विपक्ष जो है वो कहीं ना कहीं सरकार की नीतियों से खुश नहीं है अ अ अ अ... कहीं ना कहीं अलग- अगल मंत्रालयों के लिए बजट में जो

एंकर- जी मनोज कहीं ना कहीं ऐसा नहीं लगता है कि विपक्ष इस मामले में एकजुट नहीं है.. महंगाई के मुद्दे पर जिस तरह से सबने सरकार को घेरा था वो यहां देखने को नहीं मिल रहा है..

रिपोर्टर- जी सही कहा आपने.... लालू और मुलायम के वॉकआउट से विपक्ष कहीं ना कहीं कमज़ोर दिख रहा है अ अ अ अ जिस तरह से लालू

एंकर- कट मोशन से कहीं ना कहीं सरकार पर कोई खतरा भी दिख रहा है......

रिपोर्टर- देखिए ऐसा आमतौर पर नहीं होता है ... इससे पहले 1946 में कट मोशन लाया गया था.... तो खतरा है कि नहीं ये नहीं कहा जा सकता... कहीं ना कहीं ...ये एक ऐतिहासिक दिन है...आआआआआ इइइइइइइइइइ उउउउउउउउउउउ ओओओओओ

एंकर- धन्यवाद मनोज इन तम्माम जानकारियों के लिए। तो इसके साथ ही वक्त हो चला है एक छोटे से ब्रेक का ब्रेक के बाद भी ख़बरो का सिलसिला जारी रहेगा आप देखते रहिए.......... कहीं ना कहीं.....


सच में मुझे तो ऐतिहासिक जानकारी मिल गई.....कोई पूछ ले तो सुभाष कश्यप से भी बेहतर विश्लेषण कर दूं....